नई दिल्ली: देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में ‘सार्थक-PDS योजना’ को मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS को पूरी तरह आधुनिक, पारदर्शी और डिजिटल बनाया जाएगा। सरकार इस योजना पर अगले पांच वर्षों में ₹25,530 करोड़ खर्च करेगी।
सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद राशन वितरण प्रणाली में बड़े स्तर पर सुधार देखने को मिलेगा और कोटेदारों की मनमानी, गड़बड़ी तथा भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। साथ ही लाभार्थियों को समय पर और सही मात्रा में राशन उपलब्ध कराया जा सकेगा।
क्या है Sarthak-PDS योजना?
सार्थक-PDS का पूरा नाम ‘स्कीम फॉर असिस्टेंस इन राशन ट्रांसपोर्ट एंड हैंडलिंग-इनकम विद ऑटोमेशन इन पीडीएस’ है। इस योजना को अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक लागू किया जाएगा।
सरकार के मुताबिक इस योजना का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली को तकनीक आधारित बनाना और राशन वितरण प्रक्रिया को ज्यादा प्रभावी एवं पारदर्शी करना है। देशभर के करीब 80 करोड़ लाभार्थियों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
राशन की दुकानें होंगी पूरी तरह डिजिटल
नई योजना के तहत राशन की दुकानों में डिजिटल सिस्टम और ऑटोमेशन को बढ़ावा दिया जाएगा। राशन वितरण से जुड़ी कई प्रक्रियाएं तकनीक आधारित होंगी, जिससे फर्जीवाड़ा और रिकॉर्ड में गड़बड़ी जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी।
सरकार का मानना है कि डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू होने से राशन चोरी, कालाबाजारी और गलत लाभार्थियों तक अनाज पहुंचने जैसी शिकायतों पर प्रभावी रोक लग सकेगी। इसके अलावा लाभार्थी भी अपने राशन से जुड़ी जानकारी आसानी से देख सकेंगे।
राज्यों को भी मिलेगा आर्थिक सहयोग
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत राज्यों की एजेंसियों को खाद्यान्न के परिवहन, भंडारण और वितरण से जुड़े खर्चों में आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि इससे राज्यों पर वित्तीय दबाव कम होगा और राशन वितरण व्यवस्था को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
कोटेदारों के कमीशन में भी होगी बढ़ोतरी
केंद्र सरकार ने राशन डीलरों यानी कोटेदारों के कमीशन में बढ़ोतरी करने का भी फैसला लिया है। माना जा रहा है कि इससे राशन दुकानदारों को बेहतर आर्थिक सहयोग मिलेगा और वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
सरकार का लक्ष्य है कि नई तकनीक और बेहतर निगरानी व्यवस्था के जरिए गरीबों तक राशन पहुंचाने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जाए।
